पवन प्रभात फतेहपुर। जिले के ललौली थाना क्षेत्र के बहुआ कस्बे में एक तेल कारखाने में सोमवार शाम सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। इस हादसे में पांच लोग झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जबकि दो अन्य का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम लगभग एक घंटे देरी से मौके पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार बहुआ कस्बे के आजाद नगर मोहल्ला निवासी 65 वर्षीय जमील अहमद कुरैशी अपने मकान में तेल बनाने का कारखाना चला रहे थे। सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे कारखाने में रखा एक सिलेंडर फट गया, जिससे आग तेजी से फैल गई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन टीम एक घंटे बाद पहुंची। इस दौरान, स्थानीय निवासियों ने समरसेबल पंप और अन्य साधनों से पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
आग बुझने के बाद, कारखाने और घर में झुलसे लोगों को बहुआ सीएचसी ले जाया गया। घायलों में जमील अहमद कुरैशी (65 वर्ष), उनके 28 वर्षीय पुत्र अकील अहमद, 13 वर्षीय उजोफ़ा, जमील के साले का 15 वर्षीय पुत्र आबू सहमा (निवासी चिलौला, थाना लालगंज, जिला रायबरेली) और महबूब अली की पुत्री बुशरा खातून शामिल थे। डॉक्टरों ने अकील अहमद, उजोफ़ा और आबू की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जमील अहमद और बुशरा खातून को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।हादसे की सूचना मिलने पर एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव, डीएसपी जाफरगंज ब्रज मोहन राय, थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह और नायब तहसीलदार रजनीश मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। एसडीएम ने बताया कि कारखाने में सिलेंडर फटने के बाद कुछ डिब्बे और रैपर सड़क पर गिरे मिले, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां तेल बनाने का काम होता था। कारखाने के संचालन के लिए लाइसेंस है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त आसपास के मकानों में रहने वाले लोग अपने घरों पर मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
