आलोक रंजन से समाज को लेनी चाहिए प्रेरणा – डॉ दिनेश शर्मा

पवन प्रभात प्रतापगढ़ – जनपद के पट्टी क्षेत्र स्थित उपाध्यायपुर का प्राथमिक विद्यालय अब किसी महंगे प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूल को भी चुनौती देता नजर आएगा।उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने इस अत्याधुनिक मॉडल विद्यालय का भव्य लोकार्पण किया।परिषदीय विद्यालय की तस्वीर बदलने का संकल्प इटरनल कॉर्पोरेट मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन कृपाशंकर तिवारी एवं सीईओ आलोक रंजन तिवारी ने लिया था।अपने पैतृक गांव के इस विद्यालय को गोद लेकर उन्होंने इसे आधुनिक शिक्षा संसाधनों, आकर्षक कक्षाओं,स्मार्ट सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण से सुसज्जित कर दिया है।लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा भावुक हो उठे।उन्होंने कहा कि यह गर्व और समाज के लिए प्रेरणा का विषय है कि इसी विद्यालय की टाट-पट्टी पर बैठकर शिक्षा प्राप्त करने वाले आलोक रंजन तिवारी ने सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद अपनी जन्मभूमि और गांव का ऋण चुकाने का कार्य किया है।आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को महानगरों के प्रतिष्ठित कॉन्वेंट विद्यालयों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना एक अनुकरणीय पहल है।डॉ. शर्मा ने समाज के अन्य सक्षम और संपन्न लोगों से भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आकर योगदान देने की अपील की।इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए राजनीति,प्रशासन,उद्योग और फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां उपाध्यायपुर पहुंचीं। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने आलोक रंजन तिवारी की सराहना करते हुए इसे सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायिका डॉ. सोमा घोष मॉडर्न ग्रुप ऑफ कंपनीज मुंबई के सीएमडी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह,पूर्व आईजी डॉ. राकेश सिंह,शिव प्रकाश मिश्र ‘सेनानी’, बॉलीवुड के चर्चित गीतकार एवं लेखक रितेश सिंह रजवाड़ा,पूर्व विधायक रानीगंज धीरज ओझा, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश त्रिपाठी,भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, कांग्रेस नेता बृजेंद्र मिश्रा,जनसत्ता दल के दिनेश तिवारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।इसके अलावा उपजिलाधिकारी पट्टी पूर्णेंदु मिश्रा,क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार रघुवंशी,कोतवाल आनंद पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक,अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के नवीन स्वरूप की सभी ने मुक्त कंठ से आलोक रंजन की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल बताया।

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