ऑडिट रिपोर्ट के लिए मांगे थे 1.60 लाख रुपए, चाय की दुकान से रंगेहाथ दबोचा
पवन प्रभात फतेहपुर। एंटी करप्शन की प्रयागराज टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक को 1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर ऑडिट रिपोर्ट लगाने के एवज में कुल 1.60 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है।नई बस्ती चौड़ाखरे निवासी अभय प्रताप सिंह ने एंटी करप्शन संगठन प्रयागराज से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बुढ़वन इंटर कॉलेज की भूमि अधिग्रहण से प्राप्त धनराशि से कराए गए निर्माण कार्य की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के लिए वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह 1.60 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
सत्यापन के बाद 13 सदस्यीय ट्रैप टीम ने सोमवार दोपहर करीब 1:25 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सामने आबूनगर स्थित समर चाय भंडार के पास जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपए आरोपी को दिए, टीम ने तत्काल छापेमारी कर उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी रविंद्र प्रताप सिंह रायबरेली जिले के राना नगर का निवासी है और वर्तमान में फतेहपुर के स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग में वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पद पर तैनात है। गिरफ्तारी के बाद उसे कोतवाली नगर लाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।एंटी करप्शन अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
