पवन प्रभात फतेहपुर। जिले के तेलियानी विकासखंड हाजीपुर गंग न्याय पंचायत में सार्वजनिक शौचालयों की बदहाली सामने आई है। केंद्र और राज्य सरकार के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के दावों के बावजूद, नगर पालिका द्वारा निर्मित ये शौचालय उचित देखरेख और सफाई के अभाव में अनुपयोगी हो गए हैं। गंदगी के कारण शहरवासी और राहगीर इनका उपयोग करने के बजाय खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
नगर के रामगंज पक्का तालाब मोहल्ले में स्थित सार्वजनिक शौचालय इस उपेक्षा का एक प्रमुख उदाहरण है। स्थानीय निवासी आनंद तिवारी, राजू साहू और राजेश तिवारी ने बताया कि लाखों की लागत से ढांचा तो तैयार कर दिया गया है, लेकिन सफाई कर्मचारी की तैनाती न होने के कारण पूरा परिसर गंदगी से भरा पड़ा है।
क्षेत्रीय नागरिक पंकज त्रिपाठी और राजकुमार साहू का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण शौचालय के पास खड़ा होना भी मुश्किल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि इन शौचालयों को ‘पे एंड यूज’ (उपयोग के बदले शुल्क) प्रणाली के तहत संचालित किया जाए। इससे न केवल सफाई कर्मचारी के वेतन की व्यवस्था होगी, बल्कि आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को भी एक स्वच्छ विकल्प मिल सकेगा।इस गंभीर समस्या पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) रविंद्र कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शौचालयों के कायाकल्प और स्थायी सफाई व्यवस्था के लिए सभासद बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होना अनिवार्य है। ईओ ने आश्वासन दिया कि जैसे ही बोर्ड द्वारा प्रस्ताव लाया जाएगा, तत्काल बजट आवंटित कर सफाई व्यवस्था को सुचारु कर दिया जाएगा।
