पवन प्रभात फतेहपुर। पीआरडी जवान से 20 हजार रुपये की अवैध वसूली के मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने डीएसपी सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में कुलदीप सिंह और मंगल प्रसाद यादव शामिल हैं। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। कार्रवाई वसूली करते हुए सामने आए एक वीडियो के वायरल की पुष्टि होने के बाद की गई है। वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मामला एक महिला पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवान के पति को हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के चौफेरवा गांव की है। पीड़ित मनोज कुमार पासवान ने बताया कि 1 जनवरी 2026 को गांव के पास नहर में एक अज्ञात युवक का शव मिला था। आरोप है कि इसी घटना की आड़ में एक स्थानीय सिपाही ने उसे हत्या के मामले में नामजद करने की धमकी दी।
इसके बाद 4 जनवरी को कोतवाली में तैनात एक अन्य सिपाही मनोज के घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए पैसों की मांग की। भयभीत मनोज ने यह बात अपनी पत्नी सविता को बताई, जो हुसैनगंज थाने में पीआरडी जवान के रूप में तैनात हैं। सविता के अनुसार, जब उन्होंने संबंधित सिपाहियों से बात की तो उन्होंने मामला रफा-दफा करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।पीआरडी जवान सविता ने किसी तरह 20 हजार रुपये का इंतजाम कर 6 जनवरी को सिपाही को दे दिए, लेकिन इसके बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी बाकी रकम के लिए दबाव बनाते रहे और जेल भेजने की धमकी देते रहे। परेशान होकर पीड़ित पक्ष ने एसपी फतेहपुर और एडीजी प्रयागराज से न्याय की गुहार लगाई।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज जोन के एडीजी के निर्देश पर जांच सीओ सिटी को सौंपी गई थी। रविवार को सीओ सिटी प्रमोद शुक्ला ने पीड़ित पक्ष के तीन लोगों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान दो ऑडियो और एक वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें पुलिसकर्मियों द्वारा पैसों के लेनदेन और झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश से जुड़ी बातचीत स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।
