वृंदावन में हादसे का शिकार हुए सिद्धिविनायक होटल का नक्शा आवासीय में हुआ था पास

प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने अवर अभियंता दिनेश गुप्ता मनोज अग्रवाल अनिल सिंघल से मांगा स्पष्टीकरण, होटल किया गया सील

दीपक चतुर्वेदी बैंकर

मथुरा।पवन प्रभात। बुधवार को वृंदावन स्थित रुक्मणी विहार के सिद्धिविनायक होटल में उदघाटन के दौरान हुई आग जनी की घटना के बाद मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण बैक फुट पर आ गया है। और उसके अवर अभियंताओं द्वारा की गई लापरवाही भी स्पष्ट रूप से उजागर हो गई है। विकास प्राधिकरण द्वारा जारी एक प्रेस नोट में बताया गया है कि उपरोक्त भूखंड का मानचित्र सुधा अग्रवाल हरि ओम तथा कन्हैया लाल द्वारा आवासीय भवन के रूप में स्वीकृत कराया गया था। मानचित्र स्वीकृत उपरांत भवन का निर्माण किया गया इस दौरान विकास प्राधिकरण द्वारा जांच में पाया गया कि भवन मानचित्र स्टिल्ट तथा तीन मंजिल का स्वीकृत है। स्थल पर स्टिल्ट तथा तीन मंजिल निर्मित हैव भवन के सेटबैक में विचलन है। तथा स्टिल्ट पर पार्किंग के स्थान पर होल कैमरे निर्मित है। आवासीय के विपरीत गेस्ट हाउस के रूप में उसे तैयार कर दिया गया है। गुरुवार को विकास प्राधिकरण की टीम द्वारा होटल को सील कर दिया है। और इस प्रकरण में अवर अभियंता दिनेश गुप्ता मनोज अग्रवाल अनिल सिंघल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा प्राधिकरण द्वारा रुक्मणी विहार आवासीय योजना एवं चैतन्य विहार आवासीय योजना में आवासीय भू उपभोग के विपरीत निर्मित संचालित किया जा रहे भवनों की जांच के लिए अभियंताओं की टीम सचिव मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण की अध्यक्षता में गठित कर दी गई है। इस समूचे प्रकरण में विकास प्राधिकरण स्पष्टीकरण मांग कर अपने बचाव में लग गया है। जबकि संबंधित अभियंताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की जानी थी। उल्लेखनीय है कि वृंदावन के रुक्मणी विहार आवासीय योजना एवं चैतन्य विहार आवासीय योजना के अंतर्गत काफी बड़े पैमाने पर आवासीय भवनों में गेस्ट हाउस होटल एवं कॉमर्शियल कार्य चल रहे हैं। जिन्हें जानबूझकर विकास प्राधिकरण के द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। और मोटा सुविधा शुल्क लेकर खुली छूट दी जा रही है। अब देखना यह होगा कि तीनों अवर अभियंता के खिलाफ विकास प्राधिकरण के आला अधिकारी प्रभावी कार्यवाही करते हैं या कुछ दिनों बाद इस समूचे प्रकरण को एक बार फिर से ठंडे बस्ते में दफ्तर दाखिल कर दिया जाता है। फिलहाल विकास प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की कार्य शैली और घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। और इससे शासन की नीति और दिशा निर्देशों के क्रियान्वन तथा पालन न होने को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!