
दामोदर दास महाराज ने सामाजिक सुधार पर दिया जोर
पवन प्रभात
प्रयागराज। प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र स्थित संगम अपर महावीर चौराहा पर सती अनुसूइया के खालसा में माघ महोत्सव के विदाई समारोह के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय भिक्षावृत्ति उन्मूलन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संत ब्रह्मऋषि दामोदर दास महाराज ने कहा कि भारत आध्यात्मिक परंपराओं और साधना की भूमि है, जहां संतों और साधकों की तपस्या से समाज को दिशा मिलती रही है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भी कर्म, साधना और सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
दामोदर दास महाराज ने सामाजिक समरसता, कानून व्यवस्था और विशेष रूप से बाल भिक्षावृत्ति पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सरकार से संविधान के अनुरूप कठोर कानून लागू करने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने की मांग की। इस अवसर पर उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत शासन व्यवस्था से ही देश की एकता और अखंडता सुरक्षित रह सकती है।
कार्यक्रम में परिवर्तन संस्था के प्रदेशाध्यक्ष मोनू गुप्ता सहित देवेंद्रदास, ओम दास, राघव दास, महावीर दास, गोविंद दास, गणेश दास, कैलाश दास, रघुनाथ दास, ज्योतिषी गोवर्धन दास, हरिदास, कृष्ण मोहन, राधा, गोविंद एवं ध्यान दास सहित अनेक संत-महात्मा और समाजसेवी उपस्थित रहे। संगोष्ठी का उद्देश्य समाज से भिक्षावृत्ति की प्रवृत्ति को समाप्त कर लोगों को आत्मनिर्भर बनाना, नैतिक मूल्यों को मजबूत करना तथा राष्ट्रहित में जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामाजिक सुधार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
