पवन प्रभात करछना, प्रयागराज। जनपद की करछना तहसील में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मनमानी से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बुधवार को लगातार दसवे दिन भी अपनी हड़ताल व तालाबंदी जारी रखी। करछना तहसील में उप जिलाधिकारी करछना, तहसीलदार करछना, तथा नायब तहसीलदार की कार्य प्रणाली से क्षोभित अधिवक्ता पिछले 9 दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं जिससे करछना तहसील परिसर में वादकारियों का कार्य ठप पड़ा हुआ है। करछना तहसील में व्याप्त अनियमिताओं व गड़बड़ियों के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य गण हड़ताल कर रहे हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार यहां की अदालत में फैसला हो जाने के बाद भी चार-चार महीने तक फाइलें रोककर रखी जाती है। फाइलें फैसले के बाद कई कई महीने आदेश के इंतजार में पड़ी रहती है। तहसीलदार करछना की अदालत से कई फाइलों के गायब हो जाने की भी पुख्ता सबूत अधिवक्ताओं ने प्रस्तुत किया है। अधिकारियों की कृपा पर रखे गए कंप्यूटर टाइपराइटर के कार्मिकों द्वारा वादकारियों की फाइलों को पत्रावलियों को छिपा कर रख दिया जाता है और ढूंढने का बहाना करके कई महीनो तक उन्हें हीला हवाली करके परेशान किया जाता है। इन सब अव्यवस्थाओं से जूझ रहे वादकारियों व अधिवक्ताओं ने कई बार इस संबंध में शिकायत की गई परंतु नतीजा कुछ भी नहीं निकला। इससे परेशान होकर अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला किया। अधिवक्ताओं की हड़ताल अधिकारियों की मनमानी को लेकर पिछले कई दिनों से चली आ रही है। बिगत दो दिनों से करछना तहसील के अधिवक्ताओं ने तहसील के सभी कक्षो में पूर्ण रूप से तालाबंदी करके कामकाज पूरी तरीके से ठप कर दिया है। अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर तहसील प्रशासन मुर्दाबाद एसडीएम करछना मुर्दाबाद तहसीलदार करछना मुर्दाबाद के नारे पूरे तहसील परिसर में घूम घूम कर बुलंद किया। इस दौरान तहसील करछना के परिसर में कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं रहा। अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए टेलीफोन पर संपर्क किया गया परंतु फोन रिसीव न होने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल पाया है। अधिवक्ताओं ने कहा है कि तहसील के अधिकारी यदि अपनी मनमानी बंद नहीं करते तो यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। तहसील करछना में पिछले 10 दिनों से वादकारियों के और पीड़ितों के कार्यों की सुनवाई नहीं हो पा रही है जिससे करछना तहसील की जनता में काफी आक्रोश व्याप्त है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष व मंत्री के नेतृत्व में की जा रही है हड़ताल के अभी समाप्त होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। चर्चा है कि तहसील के अंतर्गत एक प्राइवेट संविदाकर्मी तकनीकी सहायक बाबू की तहसीलदार कार्यालय में खूब चलती है उसी के कहने पर पूरा तहसील की फाइलों का निर्णय लिया जाता है आरोप है कि उक्त बाबू न्यायालय की फाइलों पर कुंडली मारकर बैठा रहता है और बिना उसके इशारे एवं लेन-देन के किसी भी फाइल का निर्णय नहीं किया जाता साथ ही फाइलों में पक्षपात भी करता है।
इस हड़ताल में हंसराज सिंह,कृष्णाराज सिंह, राजेंद्र प्रसाद पांडे,इंद्रमणि सिंह यादव प्रसाद पटेल, राजेश कुमार, राकेश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, अभिषेक सिंह, किरण सिंह, बाबूलाल, रमेश चंद, अशोक कुमार, चंद्र प्रकाश, अमित कुमार, सर्वेश कुमार सहित सैकड़ो की तादात में अधिवक्ताओं और वादकारियों ने प्रदर्शन करके अपना आक्रोश व्यक्त किया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते यहां के अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारते हैं तो यह हड़ताल करछना तहसील से उठकर जिला मुख्यालय तक जाएगी। उच्च अधिकारियों को भी यहां पर व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं भ्रष्टाचार से अवगत कराया जाएगा। लगातार चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल से जन सामान्य को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

