पवन प्रभात फतेहपुर। जिला अस्पताल में भर्ती एक घायल मरीज के परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीज से आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद बेड चार्ज, ब्लड और ऑपरेशन के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं।कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के लोधनपुरवा गांव निवासी लगभग 50 वर्षीय मंगल प्रसाद 5 अप्रैल 2026 की शाम करीब साढ़े आठ बजे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें फतेहपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों के अनुसार, मंगल प्रसाद का पैर दो से तीन जगह से टूट गया है।दुर्घटना लोहंदा पुल के पास एक ट्रैक्टर की टक्कर से हुई थी। हादसे के बाद उन्हें पहले सिराथू और फिर खागा के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां से उन्हें फतेहपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगल प्रसाद के बेटे रवि कुमार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद उनसे बेड चार्ज के नाम पर 300 रुपये मांगे गए, जिसमें से उन्होंने 200 रुपये दिए।
इसके अतिरिक्त, एक व्यक्ति ने ब्लड चढ़ाने के लिए 5 हजार रुपये लिए और ब्लड की व्यवस्था करवाई। परिजनों को यह भी नहीं पता कि ब्लड किस माध्यम से उपलब्ध कराया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज के पैर के ऑपरेशन के लिए 25 हजार रुपये की मांग की गई है।उन्हें बताया गया है कि ऑपरेशन के बाद रॉड डालने के लिए 10 से 12 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं परिजन बताते हैं कि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड भी है,लेकिन इसके बावजूद इलाज में पैसे मांगे जा रहे हैं और कई दिनों से मरीज की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
रवि कुमार ने बताया कि उन्हें पहले यह जानकारी नहीं थी कि उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। बाद में कॉमन सर्विस सेंटर जाकर जानकारी लेने पर कार्ड का पता चला और उसे बनवाया गया। इसके बावजूद अस्पताल में उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। साथ ही आरोप लगाया कि 5 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद अब तक मरीज के इलाज को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले की जांच कराते हुए मरीज का जल्द से जल्द समुचित इलाज कराया जाए, ताकि घायल अधेड़ को राहत मिल सके। इस मामले में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच किया जा रहा है। जांच में दोषी मिलने पर कार्यवाही होगी।
