पवन प्रभात फतेहपुर। संसद भवन के बाहर केसरिया वस्त्र पहनकर साधु के वेश में हुई घटना को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने इसे नाटक और स्वांग करार दिया। संगठन ने कहा कि इस घटना से सनातन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। महासभा ने विपक्ष के इस कृत्य की कड़ी निंदा की। अखिल भारत हिंदू महासभा की मासिक बैठक शनिवार को आईटीआई रोड स्थित कैंप कार्यालय में जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की मजबूती को लेकर भी चर्चा की गई। वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी सांसदों के इस कृत्य से न केवल हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि केसरिया वस्त्र और संत समाज का भी अपमान हुआ है।
उन्होंने घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा कि विपक्षी सांसदों ने यह दिखाने का प्रयास किया कि साधु समाज दान चोरी जैसी गतिविधियों में शामिल रहता है, जबकि दान चोरी से संत समाज का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सनातन संस्कृति और संत समाज का अपमान करने का कुत्सित प्रयास है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सत्तारूढ़ दल के प्रदेश अध्यक्ष के लखनऊ आगमन के दौरान उनके वाहन के आगे हनुमान जी के वेश में चलकर नारेबाजी करना भी निंदनीय और शर्मनाक था। उन्होंने कहा, यदि किसी में इतना साहस और हिम्मत है तो वह किसी मौलवी या पादरी के वस्त्र पहनकर उनके धर्म का मजाक उड़ाकर दिखाए। उन्होंने इसे खुली चुनौती बताते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों का उपहास किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। बैठक में रामगोपाल शुक्ला, गजेंद्र मौर्य, स्वामी राम आसरे आर्य, करण सिंह पटेल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
