प्रयागराज। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ में कुछ साथी दोहरी सदस्यता का खेल खेल रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के सदस्य होने के बावजूद दूसरे संगठन की सदस्यता ले रखी है। कुछ साथी ऐसे भी हैं जो दूसरे संगठन से आए हैं और वहां से अपनी सदस्यता खत्म किए बगैर महासंघ के सदस्य बनकर दोनों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसा करना विधिक रुप से पूरी तरह गलत है और दोनों संगठनों के साथ विश्वासघात है। अब भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ में दोहरी भूमिका निभा रहे लोगों को जल्दी ही किनारे किया जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव मथुरा प्रसाद धुरिया ने ऐसे सदस्यों से अनुरोध किया है कि जिस भी संगठन में रहना है पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ रहिए। दो नावों की सवारी सदैव घातक होती है। ऐसे सदस्यों के लिए एक महीने का समय है। स्वेच्छा से संगठन का चयन करें, एक संगठन छोड़ दें, जहां मन रमता हो उसी संगठन में रहें।महासंघ पूरे राष्ट्र में ऐसे सदस्यों को चिन्हांकित कर रहा है जो दोहरी सदस्यता का खेल खेलते हुए संगठन और संगठन के पदाधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं। महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और कोर कमेटी ने निर्णय लिया है कि ऐसे सदस्यों को जल्द ही संगठन के बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा जो संगठन के निर्णय को दरकिनार कर दोहरी सदस्यता में लिप्त पाए जाएंगे।
श्री धुरिया ने बताया कि अनुशासन एवं जांच प्रकोष्ठ को इसकी जिम्मेदारी दी गई है जो अति शीघ्र ही अपनी आंख्या प्रस्तुत कर देगा इसके पश्चात विधिक कार्यवाही की जाएगी और ऐसे लोगों को संगठन से सेवा मुक्त कर दिया जाएगा।
श्री धुरिया ने बताया कि कुछ सदस्य ऐसे भी है जो 1 वर्ष का परिचय पत्र बनवा कर दूसरे वर्ष का नवीनीकरण नहीं कराते हैं ऐसी दशा में अब व्यवस्था परिवर्तित कर दी गई है सदस्यता में निरंतरता के लिए आपको प्रतिवर्ष नवीनीकरण शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा और नया परिचय पत्र ही मान्य होगा। यदि आपने बीच में किसी वर्ष अपना शुल्क नहीं जमा किया है तो वर्तमान वर्ष में नवीनीकरण कराते समय पिछला शुल्क भी जमा करना अनिवार्य होगा अन्यथा आप की सदस्यता नई मानी जाएगी इस तरह के सदस्यों को महासंघ की सुविधाओं का लाभ मिल पाना मुश्किल होगा और वह पदाधिकारी के दायित्व से भी वंचित किए जा सकते हैं। जो पदाधिकारी पूरे वर्ष भर में एक भी सदस्य नहीं बना सकते और न तो किसी आयोजन में शामिल हो सकते हैं, उन्हें आगे अवसर मिलना मुश्किल होगा। कुछ सदस्य अपनी इकाई को दर किनार करते हैं और सीधे केन्द्रीय कार्यालय में फोन कर देते हैं जो अन्य पदाधिकारी का अपमान है।
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ में किसी भी प्रकार की असुविधा और समस्या के निराकरण के लिए पत्रकार साथी पहले अपने तहसील / जिला/ मंडल/ अथवा प्रदेश पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

