पवन प्रभात फतेहपुर। नौ साल पुराने दहेज हत्या के मामले में सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-2 अजय सिंह प्रथम की अदालत ने मृतका के पति रिंकू उर्फ उमेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं सास गार्गी और जेठानी रानू को भी कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया।अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह के अनुसार मामला मलवां थाना क्षेत्र के कुराई गांव का है। वादी राज नारायण तिवारी ने अपनी बेटी प्रियंका उर्फ भारती की शादी 16 फरवरी 2017 को रिंकू उर्फ उमेश के साथ की थी। आरोप था कि शादी में करीब सात लाख रुपये का दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष के लोग चार पहिया वाहन की अतिरिक्त मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर प्रियंका को लगातार प्रताड़ित किया जाता था।अभियोजन के मुताबिक, प्रियंका को कमरे में बंद कर कई-कई दिनों तक भूखा रखा जाता था। 26 फरवरी से 2 मार्च 2017 के बीच उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। प्रियंका फोन के जरिए अपने मायके वालों को ससुराल की स्थिति की जानकारी देती थी।2 मार्च 2017 को गांव के एक व्यक्ति से सूचना मिलने पर राज नारायण तिवारी अपनी बेटी की ससुराल पहुंचे। वहां प्रियंका घर के अंदर जली हुई मृत अवस्था में मिली। घटना के समय ससुराल पक्ष के लोग मौके पर मौजूद नहीं थे।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कुल छह गवाह न्यायालय में पेश किए गए। विचारण के दौरान एक अभियुक्त राज नारायण की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह और रणधीर सिंह ने मामले में प्रभावी पैरवी की।न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर पति रिंकू उर्फ उमेश को आईपीसी की धारा 304बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।वहीं सास गार्गी और जेठानी रानू को आईपीसी की धारा 498ए के तहत तीन-तीन वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। इसके अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दोनों को एक-एक वर्ष के कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
