राजेन्द्र पाण्डेय मुख्य संवाददाता
पवन प्रभात प्रयागराज। एजुकेशनल एंड चैरिटेबल समिति की अनमोल कीमत की जमीन को बेचे जाने की साजिश कुलपति द्वारा रची जाने का मामला विश्व सूत्रों से प्रकाश में आया है हिंगिमबॉटम की यह एजुकेशनल जमीन की कीमत मौजूदा समय में 50 करोड़ की संपत्ति बताई जाती है। जानकारों के द्वारा बताया जाता है कि सुआट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति अपने कार्यकाल में ही बगिया की जमीन जो रेलवे लाइन से लगी हुई है इंदलपुर गांव से गंगोत्री तिराहे तक जाती है लोगों के कथनानुसार उसे भी कुलपति किसी के माध्यम से बेंच दिया है जिस पर कुलपति ने अपना आवास बना रखा है और समिति की जमीन पर कालोनियां बसा दिया है यह मामला विगत वर्षों प्रकाश में आया था जिसे उप जिलाधिकारी करछना राजागणपति ने संज्ञान में लेकर कुलपति के मकान गिरने का आदेश भी पारित किया था जिस पर उक्त यूनिवर्सिटी के अधिकारियों एवं पीडीए के बीच साठ गांठ करके मामले को मैनेज कर लिया गया था और इंटर कॉलेज का बना मकान ध्वस्त करके कुलपति का मकान गिरना दिखा दिया गया था इसी बीच उप जिलाधिकारी करछना राजा गणपति का तबादला प्रयागराज तहसील हडिया के लिए हो गया था तभी से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा चला आ रहा है।

