छात्रों से मोटी फीस वसूली के आरोप, दूसरे स्कूल से परीक्षा दिलाने का झांसा; विभाग ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत

नैनी (प्रयागराज)।
चाका ब्लॉक के मुखिया नगर, अरैल स्थित बी.एल. एकेडमी में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है और प्रथमदृष्टया इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि आरोप सही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई तय है।
चाका निवासी रमेश कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि संबंधित विद्यालय को केवल कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन परिसर में इंटरमीडिएट (कक्षा 11-12) तक की पढ़ाई कराई जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों और छात्रों को भ्रमित कर उनसे नियमित शुल्क वसूल रहा है।
गुमराह कर वसूली का आरोप, भविष्य से खिलवाड़ की आशंका
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से हर महीने निर्धारित शुल्क लिया जा रहा है, जबकि इंटरमीडिएट की कक्षाओं की कोई वैध मान्यता नहीं है। छात्रों को यह भरोसा दिलाया जाता है कि बोर्ड परीक्षा के समय उनका पंजीकरण किसी अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालय से करा दिया जाएगा। इस तरह की व्यवस्था से छात्रों के शैक्षिक भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक छात्र ने बताया कि उससे हर महीने करीब 1500 रुपये शुल्क लिया जाता है। उसे और अन्य छात्रों को आश्वासन दिया जाता है कि परीक्षा के समय दूसरे स्कूल से फार्म भरवा दिया जाएगा, जिससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
जांच टीम पहुंची, लेकिन स्कूल मिला बंद
शिकायत के आधार पर बीते सप्ताह खंड शिक्षा अधिकारी, चाका को जांच के लिए मौके पर भेजा गया। हालांकि, जब टीम विद्यालय पहुंची तो स्कूल बंद मिला। टीम को बिना जांच किए ही लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। विभाग अब दोबारा जांच की तैयारी में है और इस बार कड़ी निगरानी के साथ कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस जारी, तीन दिन में मांगा जवाब
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि बिना मान्यता के उच्च कक्षाओं का संचालन पूरी तरह अवैध है और यह गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो विद्यालय की मान्यता समाप्त करने, आर्थिक अनियमितताओं की जांच कराने और प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस तरह के संस्थानों पर समय रहते कार्रवाई न होने से बच्चों का भविष्य दांव पर लग जाता है।
