पवन प्रभात फतेहपुर। बारिश के मौसम में शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर खुले में रखे बिजली के ट्रांसफार्मर काल बन सकते हैं। बिजली विभाग की घोर अनदेखी के चलते इन खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा जाली (गार्डिंग) तक नहीं लगाई गई है। मुराइन टोला पुलिस चौकी, चौक रोड, निजी अस्पताल के पास और लालाबाजार जैसे व्यस्ततम इलाकों में लोग रोज अपनी जान हथेली पर रखकर गुजर रहे हैं। बारिश में इनमें करंट उतरने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी सिर्फ जांच और कार्ययोजना का भरोसा दे रहे हैं। जब शहर के इन संवेदनशील इलाकों की जमीनी पड़ताल की, तो सुरक्षा के दावों की पोल खुल गई।
शहर की मुराइन टोला पुलिस चौकी के बाहर एक से अधिक ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। इन पर सुरक्षा कवर या जाली न होने के कारण बारिश के मौसम में पुलिसकर्मियों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों पर भी हर समय खतरा मंडराता रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इन्हें सुरक्षित कराने के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में बारिश के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शहर के चौक रोड से सराय होते हुए जीटी रोड जाने वाले मार्ग पर खुले में रखा ट्रांसफार्मर राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से इस पर सुरक्षा जाली लगाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह शहर के पीरनपुर स्थित चित्ती शाह बाबा की मजार जाने वाले मार्ग पर भी ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा कवर के रखा हुआ है।शहर के जीटी रोड स्थित कालिकन मंदिर मोड़ के सामने एक निजी अस्पताल के पास सड़क किनारे खुले में ट्रांसफार्मर रखा है। यहां दुकानों का संचालन होता है और यह अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जिससे दिनभर बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। पास में अस्पताल होने के कारण मरीजों और तीमारदारों का भी लगातार आवागमन रहता है। इसके बावजूद ट्रांसफार्मर को सुरक्षित नहीं कराया गया है।
शहर के लालाबाजार में सप्ताह में दो दिन साप्ताहिक बाजार लगता है, जहां भारी भीड़ उमड़ती है। खुले में रखे ट्रांसफार्मर के नीचे ही फुटपाथ दुकानदार अपनी दुकानें लगाते हैं। भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में स्थानीय लोग लंबे समय से ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा जाली लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। इससे दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों की चिंता बनी हुई है।
तो वही अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता (एसई) का कहना है कि जिले में ऐसे सभी ट्रांसफार्मरों की जांच कराई जा रही है, जो खुले में बिना फेंसिंग और प्लिंथ के रखे हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद कार्ययोजना तैयार कर जिले भर के खुले ट्रांसफार्मरों पर सुरक्षा कवर लगाने का काम कराया जाएगा।
