पवन प्रभात प्रयागराज। एस जे वी एन फाउंडेशन द्वारा एक महीने पहले लगाया गया सोलर लाइट का पोल लाभार्थी के दरवाजे पर मुंह चिढ़ा रहा है और लाभार्थी द्वारा लगातार फोन करने पर भी कोई न तो फोन उठाने वाला है और न तो कोई खोज खबर लेने वाला है। यह सोलर लाइट लगाने के बाद एक दिन भी नहीं जला । यह लाभार्थियों को सांसद कोटे से लगाया गया है किंतु केवल छलावा मात्र है क्योंकि निरंतर एक महीने से बार बार फोन किया जा रहा है किंतु फोन नहीं उठाया जाता।
यह पोल एक बीता ऐसे ही खोदकर मिट्टी में खड़ा कर दिया गया है जो तेज हवा में अथवा आंधी में कभी भी गिर सकता है क्योंकि इसमें कोई फाउंडेशन नहीं बनाया गया है। पोल लगाने वाले लोगों ने कहा कि बालू और सीमेंट खत्म हो गया है एक दो दिन में आकर सही कर देंगे किंतु एक महीने बीत गए कोई झांकने भी नहीं आया। जब एक पत्रकार के दरवाजे पर लगाए गए सोलर लाइट पोल की यह दशा है तो आप समझ सकते हैं कि कार्यदाई संस्था कितनी जिम्मेदार है। हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के सम्पादक पवनेश कुमार पवन ने बताया कि लगभग प्रतिदिन फोन किया जाता है किंतु उनका फोन कोई उठाता ही नहीं। गंधियांव करछना प्रयागराज की दलित बस्ती में अभी पंद्रह दिन पहले कुछ और सोलर लाइट पोल लगाए गए हैं जो प्रकाश दे रहे हैं किंतु पत्रकार के दरवाजे पर लगाए गए सोलर लाइट पोल व्यवस्था की पोल खोल रहा है।

