फील्ड कर्मचारियों पर कार्रवाई और मानदेय कटौती का किया विरोध
पवन प्रभात फतेहपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को सामूहिक ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार पटेल के नेतृत्व में दोपहर 3 बजे ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर मानसिक दबाव कम करने, शासनादेशों का पालन कराने और कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार पटेल ने कहा कि जनपद में कार्यरत सभी संविदा, अधिकारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मानदेय शासन की मंशा के अनुरूप हर माह के पहले सप्ताह में अनिवार्य रूप से जारी किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
संगठन ने शासनादेशों के विपरीत किए गए स्थानांतरणों को तत्काल निरस्त करने की मांग की। इसमें पीएचसी बहुआ की महिला चिकित्सक डॉ. आभा श्रीवास्तव, पीएचसी दमापुर के एलटी विशाल मिश्रा और पीएचसी असोथर के आयुष फार्मासिस्ट बुद्धि लाल गुप्ता का स्थानांतरण रद्द करने की मांग शामिल है।
कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी (GRC) की मासिक बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं। संगठन ने शासन के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह GRC की बैठक आयोजित कराने की मांग की।ज्ञापन में सीएचसी-पीएचसी के भ्रमण के दौरान फील्ड में मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर कार्रवाई और मानदेय कटौती पर भी आपत्ति जताई गई। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई से उनमें भय और मानसिक दबाव का माहौल बन रहा है। इसका उनके कार्य प्रदर्शन पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।संगठन ने एनएचएम के तहत मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को देय बीमा राशि उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा कार्यालय कर्मचारियों की ड्यूटी का समय लिखित रूप से निर्धारित करने और कार्यस्थल पर अनावश्यक दबाव कम करने की मांग रखी गई।सतारी चंद्र विश्वकर्मा, ब्लॉक अकाउंट मैनेजर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हसवा से संबंधित चिकित्सा अवकाश के मामले में भी शासनादेश के अनुसार उचित कार्रवाई की मांग की गई।
आठवीं मांग में संगठन ने कहा कि किसी कार्यक्रम की प्रगति कम या शून्य रहने पर संविदा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से पहले उन्हें निर्धारित समय और अवसर दिया जाए। इसके बाद ही शासनादेश के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
संगठन ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान कराने की मांग की। सीएमओ डॉ. उदय भान सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की जो भी मांगें नियमानुसार होंगी, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
