अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले निकाली तिरंगा यात्रा,कई कर्मचारी संगठनों ने लिया हिस्सा,पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की उठाई मांग

पवन प्रभात फतेहपुर। शहर में शुक्रवार शाम अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले ‘OPS तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। सैनिकों के सम्मान और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर निकाली गई यात्रा में करीब 2 हजार शिक्षक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से शिक्षकों-कर्मचारियों के साथ सीमा पर तैनात जवानों के लिए भी पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की। यात्रा नहर कॉलोनी से शुरू हुई। यहां से शिक्षक-कर्मचारी पटेल नगर चौराहे पहुंचे, जहां सामूहिक रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया।इसके बाद ‘भारत माता की जय’ और ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’ के नारों के साथ यात्रा आगे बढ़ी। यात्रा वर्मा चौराहा, ज्वालागंज, सदर अस्पताल, पत्थरकटा चौराहा और विद्यार्थी चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। शाम 5:50 बजे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
यात्रा में शामिल झांसी खंड के स्नातक विधायक मान सिंह यादव ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसकी रक्षा के लिए अनेक वीर सपूतों ने अपने प्राण न्योछावर किए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक दिन के सांसद या विधायक को पेंशन मिल सकती है, तो सीमा पर तैनात BSF, पैरामिलिट्री और CRPF के जवानों को पेंशन क्यों नहीं मिलनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि सरकार देश को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा करती है, लेकिन शिक्षक और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर रही है। नगर पालिका परिषद फतेहपुर के अध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने भी यात्रा में शामिल होकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया।अटेवा जिला संयोजिका डॉ. असफिया मजहर ने पुरानी पेंशन योजना को शिक्षक और कर्मचारी हित में बेहतर विकल्प बताया। कृषि मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पुरानी पेंशन लागू की जा सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं।अटेवा जिलाध्यक्ष निधान सिंह ने कहा कि NPS के कारण कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से OPS, NPS और UPS तीनों विकल्प कर्मचारियों को देने की मांग की।

यात्रा में करीब 2 हजार शिक्षक-कर्मचारी शामिल हुए। PWD, कृषि, जल निगम, नगर पालिका, पोस्ट ऑफिस, माध्यमिक शिक्षक संघ, कलेक्ट्रेट, लेखपाल, स्वास्थ्य, फार्मासिस्ट और नर्सेज समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सहभागिता की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!