नियम विरुद्ध ट्रांसफर समेत कई आरोप,अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान होंगे दर्ज
पवन प्रभात फतेहपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. उदय भान सिंह पर लगे गंभीर आरोपों को शासन ने संज्ञान में लिया है। डॉक्टरों, एनएचएम कर्मचारियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की शिकायतों की जांच के लिए विशेष सचिव राजीव रंजन की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. उदय भान सिंह ने करीब ढाई महीने पहले फतेहपुर के CMO का पद संभाला था। इसके बाद से कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और स्थानांतरण को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।
पहले डॉक्टरों और फिर दो दिन पहले संविदा कर्मचारियों ने CMO कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया था। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने भी CMO की कार्यशैली पर आपत्ति जताई थी।
स्वास्थ्यकर्मियों की शिकायतों में नियम विरुद्ध स्थानांतरण, समय से पहले निरीक्षण कर कर्मचारियों को अनुपस्थित दर्शाने और वीडियो कॉल के जरिए डॉक्टरों पर मानसिक दबाव बनाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन कार्रवाइयों के चलते डॉक्टरों और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
बिंदकी विधायक जय कुमार सिंह जैकी ने भी स्वास्थ्यकर्मियों की शिकायतों को शासन के प्रमुख सचिव तक पहुंचाया था। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में नियमों के विपरीत किए जा रहे स्थानांतरण और कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया था।
शासन की ओर से गठित जांच समिति जल्द ही फतेहपुर पहुंचेगी। समिति संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी। इसके साथ ही शिकायतों से जुड़े अभिलेखों और दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।समिति को एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। जांच समिति गठित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। विधायक जय कुमार सिंह जैकी ने उम्मीद जताई कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और डॉक्टरों व कर्मचारियों को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था बेहतर होगी और मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
